लखनऊ, दिसम्बर 24 -- -अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र है। -किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष की गैरमौजूदगी दुर्भाग्यपूर्ण रही। -विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित। -सपा के समय में क्या होता था? उस दौरान लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था, बाजार नहीं था, किसान तबाह था, परेशान था। बिचौलियों के द्वारा लाभ ले लिया जाता था। -आज किसान सुरक्षित हैं। किसान को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। -यूपी आज देश के अंदर गन्ना उत्पादन का नंबर एक का राज्य है। -आपके समय में चीनी मिलें बिकती थीं, बंद होती थीं। -वर्षों-वर्षों गन्ना मूल्य बकाया रहता था, किसान तरसता था। -विपक्ष ने 8 प्रतिशत कृषि विकास की दर रखी थी। अब यह बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच चुकी है। -गोवंश संरक...