लखनऊ, दिसम्बर 17 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष वर्ष 2017 में ही एक जनहित याचिका दाखिल करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। याचिका में तब दोनों के लोकसभा सदस्य रहते हुए, मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री पद धारण करने को असंवैधानिक घोषित किए जाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने उक्त याचिका को खारिज करते हुए पाया कि 19 मार्च 2017 को क्रमशः मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में की गई दोनों नियुक्तियां संविधान के पूर्णतः अनुरूप थी। यह निर्णय न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने संजय शर्मा की याचिका पर दिया है। याचिका में तर्क दिया गया था कि 19 मार्च 2017 को शपथ ग्रहण के समय योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य दोनों संसद सदस्य थे, इसलिए वे एक साथ दो संवैधा...