वाराणसी, सितम्बर 3 -- वाराणसी, संवाददाता। अपर जिला जज (चौदहवां) सुधाकर राय की कोर्ट में चल रहे ज्ञानवापी के 1991 के मूल वाद में मुख्तार अंसारी की पक्षकार बनाने की निगरानी अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हुई। प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद समिति का मुकदमे में यू-टर्न दिखा। वे निगरानीकर्ता की अर्जी के समर्थन में उतरे। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कोई आपत्ति नहीं है। निगरानीकर्ता ने भी बहस पूरी कर ली है। अदालत ने नौ सितंबर को सभी पक्षकारों को रूलिंग दाखिल करने का समय दिया है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद समिति की ओर से अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी और अकलाख अहमद ने अपनी दलील में कहा कि समिति को ढांचे की देखरेख आदि कार्यों के लिए ही रखा गया है। उन्हें मुस्लिम पक्ष का प्रतिनियुक्त नहीं किया गया है। ढांचा वक्फ बोर्ड की संपति है। अगर कोई पक्षकार बनाना चाहता...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.