रांची, अगस्त 1 -- रांची। प्रमुख संवाददाता झारखंड प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संघ ने मुखिया के वित्तीय अधिकार की शक्ति को समाप्त करने के मसले को मानसून सत्र में विधानसभा में उठाने की मांग की है। इस मसले को लेकर संगठन के प्रतिनिधियों ने पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं कांके के विधायक सुरेश कुमार बैठा को शुक्रवार को मांग पत्र सौंपा। इसमें बताया गया है कि पिछले डेढ़ साल से 15वें वित्त की राशि ग्राम पंचायत को नहीं मिली है, जिस कारण पंचायत के विकास का कार्य ठप हो गया है। कार्य अवधि के दौरान किसी भी त्रिस्तरीय जन-प्रतिनिधि की आकस्मिक मृत्यु, दुर्घटना होने पर 30 लाख रुपये मुआवजा (बीमा) की व्यवस्था हो, ताकि दिवंगत हुए जनप्रतिनिधि के परिवार का भरण-पोषण हो सके। प्रतिनिधियों ने बताया है कि केरल की तर्ज पर झारखंड के मुखिया को 3...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.