नई दिल्ली, जनवरी 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय को भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायक के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने हाईकोर्ट के 13 नवंबर 2025 के आदेश पर रोक लगा दी। दलबदल विरोधी कानून का सहारा लेते हुए हाईकोर्ट ने पहली बार दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी निर्वाचित सदस्य को अयोग्य घोषित करने के लिए अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया था। रॉय मई 2021 में कृष्णानगर उत्तर सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे लेकिन उसी वर्ष जून में विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में व...
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