हरदोई, जनवरी 3 -- हरदोई। कलेक्ट्रेट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अंदर महिला लिपिक से छेड़छाड़ के मामले ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। शुरुआती दौर में मामले को हल्के में लेने के चलते आरोपित के हौंसले बुलंद होते गए। चर्चा है कि यदि पीड़िता ने पहले ही दिन अपनी चुप्पी तोड़ी होती और जिम्मेदारों ने समय रहते ठोस कदम उठाए होते तो अब तक आरोपितों पर शिकंजा कस चुका होता। छेड़छाड़ की शुरुआत एक नवंबर को हुई, जबकि 40वें दिन डीएम के सामने मामला पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस प्रशासन ने सात दिन लगा दिए। तब तक कागजी घोडे दौड़ाए जाते रहे। इस दौरान विभाग की महिला कर्मियों को भी सड़क पर उतरकर आवाज उठानी पड़ी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय ने इस मामले में पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाय...