नई दिल्ली, जुलाई 21 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाकर मुंबई ट्रेन धमाके के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। 11 जुलाई 2006 को हुए विस्फोट मामले में अदालत ने कहा है कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। 19 साल पहले हुई इस घटना में 180 लोगों की मौत हो गई थी। यह फैसला शहर के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क को हिला देने वाले आतंकवादी हमले के 19 साल बाद आया है। इस हमले में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे। जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चांडक की विशेष पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराने का निर्णय नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, 'अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। यह विश्वास करना कठिन ...
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