नई दिल्ली, जनवरी 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि मुंबई कोस्टल रोड (दक्षिण) से लगी पुनः प्राप्त भूमि आम लोगों के लिए खुली रहनी चाहिए। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी पहल के तहत भूनिर्माण के लिए प्रस्तावित क्षेत्र भी शामिल हैं। हालांकि, अदालत ने वहां किसी भी आवासीय या वाणिज्यिक विकास पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने जिपनेश नरेंद्र जैन द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा पुनः प्राप्त तटीय भूमि पर निर्माण और दीर्घकालिक रखरखाव कार्य के लिए निजी एजेंसियों को नियुक्त करने हेतु रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि पुनर्प्राप्त भूमि का उपयोग वर्त...