मुंगेर, सितम्बर 29 -- मुंगेर, एक संवाददाता। मुंगेर विश्वविद्यालय में मानदेय और परिश्रमिक भुगतान को लेकर गंभीर संकट खड़ा है। संविदाकर्मी, पूर्व के आउटसोर्सिंग कर्मी और अतिथि शिक्षक सभी एक समान परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। सेवानिवृत्त प्रशाखा पदाधिकारी उमापति नाथ सहाय, जिन्हें कुलपति के निजी सहायक के रूप में 2 हजार रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर संविदा पर नियुक्त किया गया था, वे नवंबर- 2022 से जनवरी 2023 तक के तीन माह का मानदेय पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कई बार लिखित आवेदन देने, कुलपति और कुलसचिव से भेंट करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है। आउटसोर्सिंग कर्मियों का भी बकाया: संविदा कर्मी की तरह ही विश्वविद्यालय में पूर्व में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी एलीट फाल्कन के कर्मियों का मामला भी वर्...
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