मुंगेर, फरवरी 14 -- मुंगेर, एक प्रतिनिधि। कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले मुंगेर जिले के लिए एक बड़ी राहत और गर्व की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, मुंगेर को अब 'लेगेसी और थ्रस्ट जोन' (नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का वर्गीकरण) की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि जिला अब आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित होने की राह पर है। पुलिस अधीक्षक सैय्यद इमरान मसूद ने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के निरंतर अभियानों और बेहतर तालमेल को दिया है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ और अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए गए सघन ऑपरेशनों, विशेष रूप से 'पेसरा कैंप' और जमुई के 'चोरमारा कैंप' जैसी रणनीतिक चौकियों की स्थापना ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। घने जंगलों के अंदर सुरक्षा बलों की मौजूदगी से नक्सली गतिविधियों पर प्...
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