मिर्जापुर, नवम्बर 2 -- लालगंज। क्षेत्र के जैकर स्थित आश्रम में रविवार को आयोजित कथा में महाराज भावानंद ने भक्तों को संतों की भक्ति और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर गहन प्रकाश डाला। महाराज ने कहा कि संतों जैसे मीरा, शबरी और अजामिल की भक्ति केवल दिखावे या भौतिक साधनों तक सीमित नहीं थी। वह पूर्णतः आध्यात्मिक थीं। उनकी भक्ति में जीवन के उच्च आदर्श, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश निहित था। महाराज भावानंद ने बताया कि संतों ने जो मार्ग दिखाया, वह समय की सीमाओं में बंधा नहीं था। उनके दिखाए मार्ग से आज भी भक्तों के जीवन में प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि भक्ति न केवल व्यक्ति की आत्मा को शांति देती है। भक्ति परिवार और समाज में संस्कारों की स्थापना में भी सहायक होती है। महाराज ने स्पष्ट किया कि मन भौतिक इच्छाओं औ...