मोतिहारी, अगस्त 6 -- चिरैया, निसं। सामाजिक रीति रिवाजों को पीछे छोड़ते हुए बेटी ने अपनी मां को मुखाग्नि देकर उदाहरण पेश किया है। एक बेटी ने मां को मुखाग्नि देकर इस भ्रम को तोड़ दिया है। मामला खड़तरी गांव का है। ग्रामवासी स्व.महेश प्रसाद की बड़ी पत्नी रामावती देवी (74) वर्षों से मोतिहारी में रह रही थी। जहां मंगलवार को मौत हो गई है। मौत के बाद परिजन उसे लेकर लालबेगिया घाट पर अंतिम संस्कार करने गए। दूसरी पत्नी से पुत्री आकृति कुमारी भी वहां चली गई। आकृति ने कहा कि मां उससे मुखाग्नि देने का वचन ले ली है। इसलिए वह मां को मुखाग्नि देगी। यह सुनकर सगा संबंधी अचंभित हो गए। बाद में पुरानी परम्परा को तोड़ते हुए बेटी ने मां को मुखाग्नि देकर सभी मिथकों को मिटा दिया। जिसकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
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