मेरठ, अगस्त 9 -- खानपान में मिलावट के कारोबार की रोकथाम करने में एफएसडीए की खाद्य विभाग की लम्बी चौड़ी टीम लगातार नाकाम सिद्ध हो रही है। इसका खुलासा पिछले चार माह में जिले से खाद्य चीजों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में हुआ है। 529 में से 200 नमूने फेल साबित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा खोया, पनीर, मसाले और मिठाइयों के सैंपल फेल हुए हैं। फेल हुए नमूनों के विक्रेता, निर्माता को नोटिस जारी कर कोर्ट में वाद दायर किए गए हैं। इन चार महीनों में 109 वादों पर कोर्ट ने फैसला सुनाकर एक करोड़ 68 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। कार्रवाई के दौरान 40 फीसदी कारोबारी ऐसे मिले, जिनके पास खाद्य लाइसेंस ही नहीं था और वह अवैध तरीके से कारोबार कर रहे हैं। जांच को बनाई पांच टीम त्योहारी सीजन में मिलावट की रोकथाम और लोगों को गुणवत्ता वाला खानपान उपलब्ध करने के उद्दे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.