धनबाद, जनवरी 15 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। केंद्रीय सरना समिति ने चिरागोड़ा स्थित झारखंड मैदान में सोहराय-सकरात मिलन समारोह का आयोजन किया। यह सात जनवरी को सोहराय (गोट पूजा) से शुरू होकर 14 जनवरी को सकरात पर समाप्त हुआ। सोहराय से सकरात तक के सफर में आदिवासियों की विविध परंपराएं जीवंत हुईं। अंतिम दिन नदी में स्नान के बाद सभी शिकार पर गए। शाम में लौटने व शिकार के बंटवारे के बाद संध्या में लोग चिरागोड़ा स्थित झारखंड मैदान में जुटे, जहां सोहराय-सकरात का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत (भेजा तुयं) पारंपरिक तीरंदाजी के साथ की गई। भोदरोंग (कप्तान) के नेतृत्व में कुंवारे लड़के एराडोम (रेहड़ी) के पेड़ काट कर लाते हैं और पारंपरिक रूप से भोदरोंग के घर के गुड़ पीठा ( चावल और गुड़ से बनीं पकवान ) को एराडोम के पेड़ की चोटी पर किसी मजबूत डंठल पर पिरोक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.