प्रयागराज, जुलाई 7 -- पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केंद्र की ओर से सोमवार को अनुसंधान पौधशाला, पड़िला में मियावाकी तकनीक की वाटिका का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के डॉ. विनय रंजन रहे। केंद्र की वाटिका में मियावाकी पद्धति से 45 प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। मुख्य अतिथि ने कहा कि यह पद्धति जापानी वनस्पति विज्ञानी अकीरा मियावाकी की ओर से विकसित की गई है। इसके तहत स्थानीय जलवायु के अनुसार चयनित देसी प्रजातियों के पौधों को लगाया जाता है। केंद्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने कहा कि वाटिका का उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि मियावाकी पद्धति से किया गया पौधरोपण पर्यावरण के लाभकारी होगा। वरिष्ठ वैज्ञानिक आलोक यादव ने कहा कि इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.