फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 11 -- फर्रुखाबाद। मिनी कुंभ के रूप में मशहूर मेला श्री रामनगरिया में संस्कृति और अध्यात्म की बयार बह रही है तो वहीं आस्था और कारोबार भी एक साथ हो रहे हैं। नियमित कल्पवासियों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इससे मेले की रौनक अब बढ़ती ही जा रही है। लोक संस्कृति का यह मेला सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक ही सीमित नही है बल्कि मेले में विविध क्षेत्रों की बोलियां भी अपने आप में अलग ही दृश्य प्रस्तुत कर रहीं हैं। पतित पावनी गंगा के तट पांचालघाट पर करीब 30 से 35 हजार साधु संत और कल्पवासी नियमित रूप से डेरा डाले हैं। मेले का जो स्वरूप है वह हर किसी को आकर्षित कर रहा है। एक तरफ सांस्कृतिक पांडाल में जहां लोक संस्कृति की झांकी देखने को मिल रही है तो दूसरी ओर साधु सन्यासियों के आश्रमों मे...
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