कौशाम्बी, दिसम्बर 5 -- विश्व मृदा दिवस के अवसर पर पांच दिसम्बर को कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र कौशाम्बी द्वारा किसान कल्याण केंद्र मंझनपुर में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या मे किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मिट्टी कृषि की आधारशिला है। इसकी उर्वरता बनाए रखने के लिए मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन, जैविक सुधारक, वर्मी कम्पोस्ट व ग्रीन मैन्योरिंग का उपयोग आवश्यक है। संतुलित उर्वरक प्रयोग करने के दिशा मे बड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके लिए कृषको को माटी की जांच करवाकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की दिशा मे पहला कदम उठाए जाने की जरूरत है। डीडी कृषि सतेन्द्र तिवारी ने बताया कि स्वस्थ मिट्टी ही कृषि उत्पादन व खाद्य सुरक्षा की मूल शक्ति है। विभा...