औरंगाबाद, नवम्बर 20 -- अक्टूबर के अंत में मोंथा तूफान के कारण हुई भारी बारिश का असर अब खेतों में साफ दिख रहा है। बारिश के बाद धान की क्यारियों में लंबे समय तक पानी जमा रहा, जिससे मिट्टी में नमी सामान्य से अधिक बनी हुई है। धान की फसल पूरी तरह पक चुकी है, लेकिन खेत सूखे बिना उसकी कटनी संभव नहीं हो पा रही है। किसान बताते हैं कि मिट्टी की नमी कम न होने से हार्वेस्टिंग में लगातार विलंब हो रहा है। समय पर धान की कटाई न होने से रबी सीजन की बुआई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है, जिसका सीधा असर आगामी उत्पादन पर पड़ेगा। स्थिति को देखते हुए कई किसानों ने मजदूरों की मदद से कटनी शुरू कराई है। हालांकि मजदूरों से कटाई अपेक्षाकृत काफी महंगा होता है और इसमें समय भी अधिक लगता है। मजदूर आसानी से मिलते भी नहीं है। इन सबके बावजूद किसानों का कहना है कि पशु चारे...
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