लातेहार, जून 16 -- बेतला, प्रतिनिधि। प्रचंड धूप के तपिश बढ़ने के साथ ही इनदिनों मिट्टी के मटकों की मांग बढ़ गई है। यही वजह है कि कई लोगों को चिलचिलाती धूप में कुम्भकारों के घरों पर मटकों की खरीदारी करते देखा गया है। इसबारे में कुटमू के बुजुर्ग राघव शरण सिंह, रघुनाथ मिस्त्री, दशरथ सिंह,केचकी के विजयमल सिंह, जगदीश सिंह कुलेश्वर सिंह पोखरीखूर्द के नन्दकिशोर यादव, बीरेंद्र सिंह,गरीबा राम आदि ने बताया कि फ्रिज या थरमस की तुलना में मिट्टी के मटके या सुराही का पानी अधिक शीतल और स्वास्थ्यवर्धक होता है। वहीं कीमत की दृष्टि से फ्रिज और थरमस की अपेक्षा मटके और सुराही का मूल्य कम होता है। बुजुर्गो के मुताबिक आसमान छूती महंगाई के इस युग में भी मिट्टी के मटके आकार के अनुसार 40-70 रु और सुराही 100-150 रु की सस्ते मूल्य पर आज भी उपलब्ध हैं। इधर बेतला के ...
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