लखनऊ, जून 21 -- लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता राज्य संग्रहालय संस्कृति विभाग की ओर से दो दिवसीय मिट्टी के बर्तनों की कार्यशाला शुरू की गई। पहले दिन शनिवार को खुशियों की पाठशाला में बच्चों ने मिट्टी के बर्तनों पर कलाकृति बनाई। इस पहल का मकसद बच्चों के भीतर सृजनात्मकता और कल्पना को प्रोत्साहित करना था। दो दिवसीय क्ले पॉटरी कार्यशाला में शनिवार को क्ले पॉट पर योग, पर्यावरण, कला संस्कृति के जरिए से अभिव्यक्तिी प्रदान की। इस दौरान बच्चों को टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी) के बारे में समझाते हुए सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका ने मिट्टी के महत्व और लाभों के बारे में समझाया। बच्चों को पर्यावरण के प्रति संदेश देते हुए एक पौधा मां के नाम लगाने के लिए प्रेरित किया। जहां मिट्टी के बर्तनों में तुलती का पौधा बच्चों ने लगाया।
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