कानपुर, नवम्बर 27 -- कानपुर। जल, वायु एवं मृदा का संरक्षण कृषकों के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां पर अधिकांश जनसंख्या खेती पर निर्भर है। किसान अधिक पैदावार के लिए अंधाधुन्ध उर्वरकों का प्रयोग करते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां होने की सम्भावना बनी रहती है। भूमि बंजर होने की भी आशंका रहती है। मृदा परीक्षण कराकर संस्तुति की मात्रा के अनुसार, उर्वरकों का प्रयोग किसान करें। यह बातें बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने गुरुवार को कहीं। सीएसए के लाल बहादुर शास्त्री कृषक सभागार, प्रसार निदेशालय में रबी उत्पादकता गोष्ठी, तिलहन मेला और उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार योजनान्तर्गत मिलेट्स रेसिपी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीअन्न फसलों की अधिक से अधिक पैदावार करें, जिससे किसानों की आमदनी...
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