संतकबीरनगर, फरवरी 22 -- लोहरौली, हिन्दुस्तान संवाद। माह-ए-रमजान का मुबारक महीना रहमतों व बरकतों का महीना है। इस पाक माह में हर लम्हा कीमती होता है। इस माह को व्यर्थ न गंवाएं, बल्कि एबादत, जिक्र-ओ-अजकार व कुरान पाक की तिलावत में लगाएं। अक्सर देखा गया है कि इफ्तार के बाद कुछ लोग रात को बेवजह मोबाइल, टीवी या गपशप में गुजार देते हैं। रोजेदारों को चाहिए कि वे रात का समय फिजूल बातों, सोशल मीडिया व मोबाइल फोन में व्यर्थ न गंवाएं। सेमरियावां स्थित मदरसा तालीमुल कुरान के सदर मौलाना मुनीर नदवी ने कहा कि रमजान की रातें अल्लाह की खास रहमत का वक्त होती हैं। इस समय को बेकार गपशप, टीवी या मोबाइल में गुजारना नासमझी है। उन्होंने कहा कि रात का कुछ हिस्सा आराम के लिए व कुछ हिस्सा एबादत के लिए तय कर लें। ताहज्जुद, जिक्र व कुरान की तिलावत से दिल को सुकून मिलत...