बिजनौर, मई 8 -- डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में पौराणिक मालन नदी का पुनरूद्धार कराएं जाने के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बुधवार को डीएम जसजीत कौर ने बताया कि महाकवि कालिदास द्वारा विराचित नाट्यग्रंथ अभिज्ञान शकुन्तलम के अनुसार महर्षि कण्व का आश्रम मालिनी नदी (आज की मालन) एवं गंगा के संगम पर अवस्थित था। यही स्थान सम्राट दुष्यंत एवं शकुन्तला की प्रणय स्थली रही है। इन्ही के पुत्र भरत के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। दोनों नदियों का संगम स्थल वर्तमान में बिजनौर शहर से 12 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम रावली के रूप में पहचाना जाता है, जो इस जनपद का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। उन्होंने कहा कि पौराणिक दृष्टिकोण से मालन नदी का पुनरूद्धार किया जाना अत्यंत आवश्यक है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वा...
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