उरई, नवम्बर 10 -- कोंच। नगर के बजरिया स्थित श्री नवल किशोर रामलीला समिति के महोत्सव में मारीच वध और सीताहरण लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। लीला के दौरान मंच को पंचवटी का दृश्य रूप दिया गया। यहां रावण अपनी बहन सूर्पनखा के अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने का आदेश देता है। मारीच स्वर्ण मृग बनकर वन में आता है, जिसे देखकर सीता माता उस मृग को पाने की इच्छा व्यक्त करती हैं। सीता की इच्छा पर भगवान श्रीराम मृग को पकड़ने निकलते हैं, और कुछ देर बाद लक्ष्मण भी उनके पीछे जाते हैं। लक्ष्मण सीता माता की सुरक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींचकर उन्हें उसके बाहर न जाने की सलाह देते हैं। इसी दौरान रावण साधु के वेश में आकर माता सीता से भिक्षा मांगता है और उन्हें रेखा पार करने को उकसाता है। जैसे ही सीता रेखा पार करती हैं, रावण अप...