गुड़गांव, दिसम्बर 12 -- गुरुग्राम। मानेसर औद्योगिक क्षेत्र एक बार फिर गंभीर प्रदूषण की चपेट में आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, मानेसर में हवा की गुणवत्ता सामान्य मानकों से छह गुना तक अधिक प्रदूषित दर्ज की गई। यहां पर एक्यूआई 313 दर्ज किया गया। प्रदूषण का यह स्तर न केवल बुजुर्गों और बच्चों के लिए, बल्कि स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी बेहद खतरनाक माना जाता है। क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश और साँस लेने में तकलीफ की शिकायत की है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक, मानेसर में प्रदूषण बढ़ने के दो प्रमुख कारण हैं। मानेसर में स्थित कई औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुंआ और धूल कण, विशेष रूप से पीएम2.5 और पीएम10 की मात्रा को खतरनाक स्तर तक बढ़ा रहे हैं। दिल्ली-जयपुर हाईवे और स्थानीय सड़कों पर भारी व...