लोहरदगा, सितम्बर 10 -- लोहरदगा, संवाददाता।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 15 सितंबर की तैयारियों को लेकर उपायुक्त डॉ ताराचंद की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें इस बात पर फोकस किया गया कि प्रतिरक्षण अभियान में कोई बच्चा न छूटे। अल्बेंडाजॉल की खुराक से वंचित न रह जाए। वैसे बच्चे जो न आंगनवाड़ी केंद्र जाते हैं और न विद्यालय में नामांकित हैं, वैसे बच्चों को चिन्हित कर इस कार्यक्रम में शामिल करने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि कृमि मनुष्य के आंत में रहता है और मनुष्य के शरीर के पोषक तत्वों पर निर्भर रहता है। बच्चों के लिए यह ऐसी स्थिति रहती है कि बच्चा लगातार कृमि की वजह से कमजोर होता जाता है और उसका विकास अवरूद्ध हो जाता है। ऐसे में कृमिनाशक दवा अल्बेंडाजॉल की भूमिका काफी अहम हो जाती है। अल्बेंडाजॉल की गोली उ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.