ललितपुर, नवम्बर 16 -- कभी कचरे और प्लास्टिक से भरे दिखने वाले मानसरोवर तालाब के हजारिया घाट अब साफ सुथरे नजर आने लगे हैं। घाटों पर फैली रहने वाली गंदगी और कचरे के ढेर अब दिखाई नहीं देते हैं। यह बदलाव किसी सरकारी अभियान का नहीं, बल्कि आमजन के सहयोग और प्रकृति रक्षकों के संकल्प का परिणाम है। स्वच्छता को नारे से आगे बढ़ाकर संस्कृति का रूप देने वाले प्रकृति रक्षकों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार तालाब की सफाई कर परिवर्तन कर दिखाया है। प्रकृति रक्षक विक्रांत सिंह ने बताया कि अब अगला लक्ष्य 'अंदर कोट' के घाटों को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और जलकुंभी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आते हैं, तब ही स्वच्छ और सुंदर तालाब का सपना साकार होता है। प्रकृति रक्षकों का मानना है कि जब अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनता...