देवघर, दिसम्बर 15 -- देवघर कार्यालय संवाददाता दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा विलियम्स टाउन अवस्थित बीएड कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीराम चरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन स्वामी यादवेंद्रानंद ने भक्ति के महत्व बताते हुए कहा कि मानव जीवन में भक्ति के माध्यम से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। कहा कि जीवन का उद्देश्य ईश्वर की प्राप्ति है और भक्ति के बिना यह संभव नहीं है। मानव जीवन का सर्वोच्च आभूषण है। यह वह साधन है जिसके द्वारा मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा से जुड़ता है। भक्ति का अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस गहन प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की भावना है जो व्यक्ति के हृदय में भगवान के प्रति उत्पन्न होती है। भक्ति मनुष्य के जीवन को शुद्ध, सरल और मधुर बना देती है। जब हृदय में भक्ति जागृत होती है, तब ...