लखनऊ, दिसम्बर 10 -- किसी लोकतांत्रिक राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब वहां सशक्त, पारदर्शी और सुशासन वाली सरकार कार्यरत हो। सुशासन ही वह आधार है, जिसपर राष्ट्र विकास, सामाजिक न्याय और नागरिकों के कल्याण की संरचना खड़ी होती है। यह बाते बीबीएयू में विश्व मानवाधिकार दिवस पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कही। मानवाधिकार विभाग व सेंटर ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज की ओर से हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा प्रज्ञा, शील और करुणा जैसे गुणों को मानव जीवन की आधारशिला मानती है, क्योंकि इन्हीं गुणों से समाज में सौहार्द, सहयोग और संतुलन की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक कुलपति प्रो. विक्टर बाबू ने कहा कि मानवाधिकार केवल अधिकारों की सूची नहीं, ...
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