कन्नौज, फरवरी 17 -- कन्नौज। नौकरी की अनिश्चितता के बीच 100 से अधिक छात्र संख्या वाले जूनियर हाईस्कूल में 350 अंशकालिक अनुदेशक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अनुदेशक केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा ही नहीं दे रहे हैं बल्कि खेलों में भी दक्ष कर रहे हैं। इतना ही नहीं वे अतिरिक्त कार्यों का बोझ भी उठा रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें प्रतिमाह मात्र नौ हजार रुपये मानदेय मिल रहा है। सबसे बड़ी समस्या ये है कि मानदेय समय पर नहीं मिलता और स्कूलों में बच्चे कम हो जाएं तो उनकी नौकरी पर भी संकट आ जाता है। कन्नौज के जूनियर हाईस्कूल के छात्रों का भविष्य बनाने की जद्दोजहद में लगे 350 अनुदेशकों को खुद सुरक्षित भविष्य की तलाश है। उनका कहना है कि काम तो पूरा लिया जाता है पर मानदेय समय से नहीं मिलता है। अनुदेशकों के साथ परिषदीय शिक्षकों की तरह व्यवहार करना चाहिए। जिस तरह उ...
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