किशनगंज, फरवरी 19 -- किशनगंज। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था केवल भवन और उपकरणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह सरकार की उस संवेदनशील सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। विशेषकर सीमावर्ती और दूरस्थ पंचायतों में रहने वाले लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती हैं। इसी सोच को जमीन पर उतारने और यह परखने के उद्देश्य से कि योजनाएं वास्तव में आमजन तक पहुँच रही हैं या नहीं, जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत झाला पंचायत स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर झाला का सिविल सर्जन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी एवं मुखिया जी झाला द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण केवल औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि स्...