झांसी, फरवरी 9 -- त्याग और समर्पण की मूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर की जयंती नई बस्ती मऊरानीपुर में मनाई गई। एक संगोष्ठी हुई। जिसमें वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। अनुदेशक संघ के जिला अध्यक्ष हिरदेश ककवारा ने कहा रमाबाई त्याग और समर्पण की एक ऐसी महिला शक्ति है। जिन्होंने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव जी के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। यदि आंबेडकर जी भारत को एक बड़ा संविधान दे पाए तो इसमें माता रमाबाई अंबेडकर जी का भी त्याग छुपा है। मनीष ने कहा यदि किसी पुरुष को सफलता प्राप्त होती है तो इसमें महिला का सबसे बड़ा योगदान होता है ओर माता रमाबाई ने यह त्याग किया। प्रेम उल्दन ,ने कहा माता रमाबाई त्याग एवं स्वाभिमान से परिपूर्ण महिला थी जो गरीबी में अपना जीवन जीना स्वीकार तो करती थी। परंतु किसी के प्रभाव में जीवन जीना स्वीकार नहीं ...
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