हरदोई, अगस्त 5 -- हरदोई, वरिष्ठ संवाददाता। माटी कला के प्रशिक्षित कारीगरों को इलेक्ट्रिक चाक मिलेगी। विद्युत चालित चाक से वे कम समय में ज्यादा मिट्टी के उत्पाद बना सकेंगे। इसके लिए उन्हें 10 अगस्त तक आनलाइन आवेदन करना होगा। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सुष्मिता सिंह ने बताया है कि उ.प्र. सरकार द्वारा माटीकला एवं माटी शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए माटीकला बोर्ड का गठन किया जा चुका है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान के दृष्टिगत प्लास्टिक से निर्मित कप, प्लेट, गिलास, थाली आदि के उपयोग को प्रदेश में प्रतिबन्धित कर दिया गया है। सरकार की मंशा के अनुसार मिट्टी के बर्तनों एवं खिलौनों, मूर्तियों आदि को बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले ऐसे कुम्हारों एवं परम्परागत करीगरों जिनकी आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच है उनको नि:शुल्क विद्युत चालित चाक (इलेक्ट्रिक पाटर व्ह...
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