प्रयागराज, जनवरी 12 -- पिछले साल दिव्य-भव्य महाकुम्भ की आभा से गदगद अनेक संत-महात्मा भी इस बार के माघ मेला में पधारे हैं, जिनकी तप-साधना आकर्षक का केंद्र है। ऐसे संतों में शामिल हैं चित्रकूट के रहने वाले 48 वर्षीय संत देशराज गर्ग 'दीनबंधु' उर्फ ऑटोमेटिक बाबा। बाबा की खासियत यह है कि वे 12 साल से प्रत्येक पांच पग चलने के बाद अचानक दाएं से बांए चक्रीय रूप से घूमकर पांच बार नृत्य करते हैं। इस दौरान वे आंगिक भाव नृत्य की मुद्रा में रहते हैं और नृत्य पूरा होते ही सामान्य तौर पर चलने लगते हैं। राह चलते नृत्य करने की अद्भुत कला के कारण उन्हें 'ऑटोमेटिक बाबा' कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति बाबा को पहली बार राह चलते हुए अचानक एक ही स्थान पर घूमते हुए देखता है तो लगता है कि उन्हें चक्कर आया होगा और जमीन पर गिर जाएंगे। लेकिन नृत्य का पंच चक्र पूरा होत...