मोतिहारी, जनवरी 13 -- सुगौली। माघ मास में कई सदी पूर्व से चली आ रही जलबोझी की तैयारी अब गांवों में ग़ुंजने लगी है। हर वर्ष दूर का तीर्थाटन करने और वहां से गंगाजल लाकर बसंत पंचमी के दिन सोमेश्वर महादेव मंदिर अरेराज में जलाभिषेक करने की पुरानी परंपरा आज भी कायम है। इसको लेकर प्रखंड के फुलवरिया में जाने की पूर्व की तैयारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बम हर रोज किसी खास निर्धारित स्थल पर जमा होते हैं। इसमें सर्व प्रथम गांव के गढ़ी माई स्थान से पूजा प्रारंभ हुआ। इसके पूर्व इस यात्रा में शामिल सभी कांवरियों के घर इसके सदस्यों ने कसैली का वितरण किया था। बताया जाता है कि कसैली के वितरण के साथ ही घर से ही ब्रह्मचर्य जीवन शुरू हो जाता है। इस यात्रा में करीब दो सौ से अधिक महिला पुरुष शामिल होते हैं। इस बाबत कांवरिया सह पूर्व सरपंच हेमनारायण झा ने बत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.