शाहजहांपुर, फरवरी 2 -- मिर्जापुर,संवाददाता। मेला रामनगरिया के मुख्य स्नान पर्व माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर ढाई घाट के गंगा तट पर एक माह से कल्पवास कर रहे हजारों साधु-संतों, सन्यासियों एवं गृहस्थ श्रद्धालुओं का कल्पवास पूर्ण हो गया। माघ पूर्णिमा के स्नान के साथ ही कल्पवासियों ने विधिवत अनुष्ठान संपन्न कर घर वापसी शुरू कर दी। ब्रह्म मुहूर्त में कड़ाके की ठंड के बीच एक माह तक लगातार कल्पवासियों ने पतित पावनी भागीरथी में स्नान कर पूजा-पाठ, हवन तथा दान-पुण्य किया। शास्त्रों के अनुसार माघ मास में गंगा तट पर एक माह तक कल्पवास करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस अवधि में नियम, संयम और तप के साथ किया गया जीवन मोक्ष की ओर ले जाने वाला होता है। ढाई घाट की गंगा की रेती पर पूरे एक माह तक साधु-संतों के साथ गृहस्थ श्र...