लखनऊ, जनवरी 30 -- लखनऊ, संवाददाता। स्नान, दान व यज्ञ का पर्व माघी पूर्णिमा एक फरवरी को मनाई जाएगी। माघ मास की पूर्णिमा तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन देवता गंगा स्नान के लिए तीर्थराज प्रयाग की धरा पर आते हैं। इसी दिन माघ स्नान का अंतिम स्नान होता है और कल्पवास समाप्त होता है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा तट, सरोवर या नदी में स्नान का विशेष महत्व है। इसदिन गाय, तिल, गुड़, कपास, घी, लडडू, फल, अन्न व कम्बल का दान करना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। पितरों का श्राद्ध भी करना चाहिए। मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रात: काल स्नान करने से रोगों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, पुष्य नक्षत्र, रवि पुष्य योग और सर्वार्...