चंदौली, फरवरी 13 -- चहनिया, हिन्दुस्तान संवाद। महाकुम्भ में माघी पूर्णिमा के अवसर पर बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर बुधवार की सुबह हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी। स्नान ध्यान का क्रम भोर से ही शुरू हो गया था। इस दौरान जल पुलिस और जिले की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जगह- जगह तैनात रही। पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष के पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा मनाई जाती है। इस पर्व का धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक महत्व भी बहुत है। महाकुम्भ के दौरान इसका धार्मिक महत्व और स्नान -दान का भी महत्व है। अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, घी, कम्बल और अन्य वस्तुएं दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन देवता भी धरती पर गंगा स्नान करने आते है। इस दिन स्नान दान करने से व्यक्ति के जीवन से सभी पापों से मुक्ति मिलती है ...
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