देवरिया, मई 6 -- देवरिया, निज संवाददाता। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों के तगादे से परेशान होकर कुछ महिलाओं को गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। एक ही परिवार को कई माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने कर्ज दिया है। अब कर्ज की किस्त अदा नहीं करने पर कई महिलाओं को गांव छोड़ना पड़ा है। कर्ज के जाल में फंसकर गरीब अपने खून, पसीने की कमाई गवां रहे हैं। स्वरोजगार कर गरीबी दूर करने के नाम पर जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा कर्ज देने के नाम पर गरीबों को आर्थिक शोषण किया जा रहा है। करीब डेढ़ दशह पहले तक जिले में तीन-चार माइक्रों फाइनेंस कंपनियां काम करती थी, लेकिन गरीबों से 25 से 30 फीसदी ब्याज वसूली के चलते माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए गरीबों को कर्ज देना काफी मुनाफे वाला है। यहीं वजह है कि जिले में एक दर्जन से अधिक माइक्रो फाइनेंस कंपनिय...
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