शामली, अक्टूबर 6 -- एक मां का प्यार बच्चों की जिंदगी की नींव होता है और पिता का दुलार उनकी ढाल। लेकिन, सलमान और उसके चार मासूम बच्चों महक, शिफा, अयान और इनायशा की कहानी इस सच को तार-तार कर देती है। मां खुशनुमा ने अपनी कोख से जन्मे इन बच्चों को प्रेमी साबिर के लिए छोड़ दिया, जबकि पिता सलमान जो दिन-रात मेहनत कर इन मासूमों को पाल रहा था, दर्द और बेबसी में उन्हें अपने साथ यमुना की लहरों में ले गया। इस हृदयविदारक घटना से हर किसी का कलेजा कांप उठता है, क्योंकि एक मां की बेवफाई और एक पिता की हताशा ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। खुशनुमा का साबिर के साथ प्रेम-प्रसंग कई महीनों से चल रहा था। वह पहले भी कई बार घर छोड़कर भाग चुकी थी, लेकिन सलमान हर बार उसे वापस लाता। कारण सिर्फ एक था, अपने बच्चों की परवरिश। समाज के ताने और नीचा दिखाने वाली नजरों से ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.