रामगढ़, फरवरी 20 -- लोक हो या शास्त्रीय परंपरा, सभी जगह स्पष्ट कहा गया है कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर न दुनिया में कोई पुण्य है न धर्म। लेकिन, बुधवार को पुण्य बटोरने के नाम पर रामगढ़ में जो अमानवीय मामला सामने आया वह विचलित करने वाला है। दरअसल, रामगढ़ के अरगड़ा में एक बेटा (सीसीएल कर्मी अखिलेश कुमार) तीन दिन पहले अपनी 65 वर्षीया मां संजू देवी को घर में बंद कर सास-ससुर, पत्नी-बच्चों के साथ कुम्भ स्नान करने प्रयागराज चला गया। दो दिन चूड़ा खाकर मां ने किसी तरह पेट की भूख मिटाई। तीसरे दिन बुधवार को भूख से बिलबिलाते हुए अंदर से आवाज लगाने लगीं। आवाज सुन पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद घर का ताला तोड़कर वृद्धा को बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची बेटी ने मां को सीसीएल अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना पारिवारिक संरचना पर कई सवाल खड़े क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.