नई दिल्ली, नवम्बर 23 -- मां का दूध नवजात को कई तरह के संक्रमण से बचाता है। साथ ही यह उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। इसलिए डॉक्टर व सरकार हर नवजात को छह माह तक स्तनपान कराने पर जोर देते रहे हैं। इस बीच दिल्ली एम्स के सहयोग से पटना के महावीर अस्पताल व कई अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा मिलकर बिहार के छह जिलों में किए गए एक शोध में मां के दूध में यूरेनियम 238 की मौजूदगी पाई गई है। इसका कारण भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी बताया गया है। ऐसे में दूषित भूजल मां के दूध को भी दूषित कर रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि माताओं के दूध में यूरेनियम का अधिकतम स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा पेयजल में निर्धारित मानक से छह गुना से कम है। ऐसे में सेहत पर उसके दुष्प्रभाव की खास आशंका नहीं है लेकिन शोध में शामिल वि...