पटना, सितम्बर 24 -- मां की काउंसिलिंग कर बच्चे का पोषण बेहतर किया जा सकता है। बच्चे को क्या खिलाना है, किस तरह का आहार दें। छह महीने के बाद ऊपरी आहार में क्या सब होने चाहिए। इन तमाम बातों की जानकारी अगर मां को होगी तो बच्चे को सही पौष्टिक आहार मिल सकेगा। ये बातें राज्य स्तरीय न्यूट्रीशियन कांफ्रेंस में निकल कर आई। बुधवार को इस कांफ्रेंस का आयोजन पाथ, टेक्नीकल सपोर्ट यूनिट, फूड साइंस एंड न्यूट्रीशियन, कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस और राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चरल विवि पूसा ने मिल कर किया था। मौके पर पूसा कृषि विवि की प्रो. उषा सिंह ने कहा कि मोटे अनाज को तैयार करने के लिए तमाम तरह की मशीनें आ गई है। मोटे अनाज में भरपूर प्रोटीन, विटामिन, जिंक, बसा आदि रहता है। मोटे अनाज की पौष्टिकता पर उन्होंने कहा कि मोटे अनाज से बच्चे में शारीरिक और मानस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.