फतेहपुर, दिसम्बर 12 -- विजयीपुर। किशनपुर थाना के शिवपुर गांव में शुक्रवार को ठंडी सुबह का सूरज निकला तक नहीं था कि एक गरीब परिवार पर ऐसी त्रासदी टूट पड़ी, जिसकी भरपाई शायद आने वाले वर्षों में भी नहीं हो सकेगी। मां रुपा देवी का जला शव जमीन पर पड़ा देख मासूम बिलख पड़े। ग्रामीणों ने बच्चों को ढांढस बंधाया। पति भी रो रोकर बेहाल रहा। पति पत्नी मिल कर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शिवपुर गांव निवासी नींबू लाल सोनकर अपनी पत्नी रुपा देवी और पांच छोटे बच्चों के साथ गांव किनारे एक टूटी-फूटी झोपड़ी में रहते थे। रोज की मजदूरी ही उनके परिवार की एकमात्र आय थी। जीवन की हर छोटी-बड़ी जरुरत इन्हीं हाथों की मेहनत से पूरी होती थी, लेकिन गरीबी की यह लड़ाई रुपा देवी की जिंदगी ले बैठेगी किसी ने सोचा भी नहीं था। झोपड़ी के बाहर कीचड़ में खड़े पांचों मासू...
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