रांची, फरवरी 19 -- मांडर, प्रतिनिधि। आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार को मांडर प्रखंड में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। आदिवासी कल्याण विभाग ने धूमकुड़िया वाले गांवों में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वितरण कर युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाया। प्रखंड के पुनंगी, सकरा, बसकी, केसकानी, सकरपदा और बखार जैसे गांवों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मांदर, नगाड़ा, घंटा, शहनाई और बांसुरी सहित विभिन्न पारंपरिक वाद्य यंत्र समाज के लोगों और युवाओं को सौंपे गए। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करना और सामुदायिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है। मौके पर सीओ चंचला कुमारी ने कहा कि घूमकुड़िया आदिवासी संस्कृति का आध...
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