धनबाद, फरवरी 8 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। खरमास के लंबे इंतजार के बाद मांगलिक कार्यो के शुरुआत हुई है। फरवरी से लेकर जुलाई तक ताबड़तोड़ लग्न है। लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में आठ दिनों तक मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। क्योंकि 24 फरवरी से होलाष्टक लगने जा रहा है। इस दौरान शादी- विवाह समेत अन्य शुभ कार्यों पर रोक रहेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के समय मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। शास्त्रों में फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक की अवधि को होलाष्टक कहा जाता है। खडेश्वरी मंदिर के पुजारी राकेश पांडेय बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में होली के आठ दिन पूर्व से पूर्णिमा तक आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। मान्यता है कि होलाष्टक के प्रथम दिन ही महादेव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। इस काल में हर दिन अलग-अलग ग...