खगडि़या, जून 30 -- महेशखूंट, एक प्रतिनिधि। जिले के कई ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिलने से लोगों में आक्रोश है। इलाके में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद यहां के धरोहरों की उपेक्षा हो रही है। सतरंगी मछलियों के लिए मशहूर कसरैया धार हो या भागलपुर सीमा से पर भरतखण्ड गांव में 52 कोठरी 53 द्वार हो या फिर धार्मिक रूप से प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कात्यायनी स्थान अपने आप में पर्यटन स्थल है। महेशखूंट मानसी के बॉर्डर पर एनएच 31 किनारे ठाठा गांव स्थित कसरैया धार जल जीवन हरियाली अभियान के बावजूद अब तक उपेक्षित है। हालंकि खगड़िया के तात्कालिक डीएम अनिरुद्ध प्रसाद कसरैया धार के सौन्दर्यीकरण कर पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने का प्रयास किया, लेकिन उनका तबादला होते ही कसरैया धार पर्यटन स्थल का बाट जोह रहा है। उपेक्षित है जिले का 52 कोठरी 53 द्...
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