दरभंगा, नवम्बर 17 -- बेनीपुर। बेनीपुर की राजनीति इस बार कुछ यूं बदली कि पुराना इतिहास भी नए सिरे से खुद को लिखता हुआ दिखने लगा है। चौक-चौराहों पर हर चर्चा का अंत एक ही पंक्ति पर होता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। जनता की उम्मीदें दिन-ब-दिन बढ़ती गईं और जब इन उम्मीदों का बोझ पुरानी राजनीति उठाने में नाकाम रही तो असंतोष ने धीरे-धीरे परिवर्तन के तूफान का रूप ले लिया। हालांकि इस शोरगुल के बीच एक खामोश ताकत ने सबका ध्यान खींचा, महिला वोटर। बिना किसी घोषणा, बिना किसी शोर के उन्होंने जो चाल चली, उसने अनुभवी राजनीतिक खिलाड़ियों की बिसात ही बदल दी। उनकी चुप्पी में छिपी थी ऐसी ताकत जिसने परिणामों को जड़ से हिला दिया। परिसीमन के उलटफेर ने बेनीपुर विधानसभा सीट को पहले ही मुश्किल भरे चक्रव्यूह में धकेल दिया था, जिसमें अनुभवी नेता भी रास्ता तलाशते-तल...
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