शिमला, दिसम्बर 10 -- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में महिला कांस्टेबल ने सेवा से बर्खास्तगी के चार साल बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला का कहना है कि पुलिस ट्रेनिंग के दौरान वह 48 दिन अनुपस्थित रहीं, क्योंकि तांत्रिकों से उसका इलाज चल रहा था। हाई कोर्ट ने महिला की दलील को नकारते हुए साफ किया कि किसी पुलिस कांस्टेबल प्रशिक्षु का तांत्रिकों से इलाज कराना किसी भी हालत में लंबे समय तक ट्रेनिंग से गैरहाजिर रहने का वैध कारण नहीं माना जा सकता। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि मामले के रिकॉर्ड में ऐसा कोई भी मेडिकल सबूत नहीं है, जिससे साबित हो कि प्रशिक्षु वास्तव में बीमार थी। इसलिए याचिकाकर्ता की हरकत को "जानबूझकर अनुपस्थित रहने" की श्रेणी में ही माना जाएगा। यह भी पढ़ें- खतरे में HC के जज की कुर्सी? 107 MPs ने किए महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर ...
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