कानपुर, दिसम्बर 12 -- केस वन पनकी निवासी स्वाति पेशे से डॉक्टर हैं। उनकी शादी इंदिरा नगर निवासी युवक से 28 फरवरी 2023 को हुई थी। पति पीएचडी कर रहे थे। दोनों के बीच अनबन इस कदर हुई की बात तलाक तक पहुंच गई। फिलहाल, डॉ. स्वाति को तलाक मिल गया, इसके लिए पति ने स्वाति को नौ लाख रुपये दिए। गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. अर्चना मजूमदार ने जब प्रकरण बंद होने से पहले तलाक का किस्सा सुना तो भी हैरत में पड़ गईं। कहने लगीं कि डॉक्टर होकर भी नौ लाख गुजारा भत्ता लिया। केस टू मैडम, पुलिस से हमें न्याय नहीं मिल रहा है। हमारी लीज की जमीन पर भाई का दोस्त नजर लगाए है। किदवईनगर में 1998 में घर बना था। जबकि, वर्ष 1997 का कागज लगाकर उसने दावा कर दिया। आरोपी मुझ पर और मेरी बेटी पर बुरी नजर रखता है। हमारी जान को खतरा है। मंजू अरोड़ा की फरियाद सुन र...